वित्‍त मंत्रालय ने एक रिपोर्ट में बताया है कि सरकार पर कुल कर्ज का बोझ बढ़कर 128.41 लाख करोड़ रुपये हो गया है.

इस लिहाज से देश के हर नागरिक पर 98,776 रुपये का कर्ज लदा है

इस लिहाज से हर नागरिक पर करीब एक लाख रुपये का कर्ज आएगा

सरकार के कुल कर्ज में सामाजिक कार्यो पर खर्च की हिस्‍सेदारी दिसंबर 2021 तक 91.60 फीसदी पहुंच गई है.

यह एक तिमाही पहले तक 91.48 फीसदी थी.

आयुष्‍मान भारत और पीएलआई जैसी योजनाओं की फंडिंग के लिए 2.15 फीसदी ज्‍यादा कर्ज लेना पड़ा

इस दौरान 2.88 लाख करोड़ रुपये की प्रतिभूतियां भी जारी करनी पड़ी

सरकार पर अपनी प्रतिभूतियों के एवज में तीसरी तिमाही तक 75,300 करोड़ रुपये का भुगतान

रिजर्व बैंक ने ओपन मार्केट ऑपरेशन के जरिये सरकार के लिए धन जुटाया

RBI का रोजाना नकदी जमा जमा और निकासी भी पूरे तिमाही में औसतन 7,43,033 करोड़ रुपे बना रहा.

औद्योगिक उत्‍पादन  सूचकांक अक्‍तूबर में 4 फीसदी की दर से बढ़ा है

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